These Rules will Change from 1 June 2021
बिज़नेस

1 जून से बदलेंगे कई योजनाओ के नियम जो आपके जीवन को कर सकते है प्रभावित

कोरोना की दूसरी लहर के कारण देश के लगभग सभी स्थानों पर लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। अब कहा जा रहा है कि 1 जून से कई स्थानों का लॉकडाउन चरणबद्ध तरीके से खोले जाने की तैयारियां शुरू की जा रही हैं। नये महीने से कलेंडर के पन्नों के बदलते ही कई सारी आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हुए बदलाव भी देखने को मिलने वाले हैं। दरअसल ग्राहकों के लिए सरकार द्वारा तैयार किए गए कई नियमों तथा योजनाओं में भी बदलाव किए जाने की संभावना दिखाई दे रही है। इसमें बैंकों के नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमत से लेकर छोटी-छोटी बचत पर मिलने वाले ब्याज, गोल्ड हॉल मार्किंग तथा आईटी फीलिंग के साथ-साथ सरकार की ओर से दी जाने वाली कई योजनाओं के नियम भी बदले जा सकते हैं। इनमें से कुछ बदलाव 1 जून से ही शुरू कर दिए जाएंगे परंतु कुछ बदलाव 15 जून से जारी होंगे। बताया जा रहा है कि इन बदलावों का प्रभाव आम जनता की ओर सीधे तौर पर पड़ेगा। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि वे ऐसे कौन-कौन से बदलाव हैं जिनका प्रभाव आम जनता के जीवन पर पड़ सकता है।


एलपीजी सिलेंडर के बदलेंगे दाम


अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले जून माह में एलपीजी के दामों में बदलाव संभव हो सकता है। दरअसल इस इस वक्त एक गैस सिलेंडर की कीमत देखी जाए तो 809 रुपये तय है। परंतु जैसे-जैसे पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं उससे इस बात की संभावना कहीं अधिक बढ़ जाती है कि एलपीजी गैस के दामों में भी 50 से 100 रुपये प्रति सिलेंडर तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। दरअसल तेल कंपनियों के हर महीने दाम बढ़ने के कारण भी एलपीजी गैस की कीमतों में बदलाव होने की प्रबल संभावना है।


बैंक के इन नियमों में होंगे बदलाव


सिंडिकेट बैंक द्वारा ग्राहकों को दिए जाने वाले आईएफएससी कोड को भी बदला जा रहा है। दरअसल केनरा बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को इस बात की जानकारी दी गई है कि 1 जुलाई 2021 से सिंडिकेट बैंक का आईएफएससी कोड बदल रहा है। सिंडिकेट बैंक के सभी ग्राहकों से यह अपील की गई है कि वे अपने अपने ब्रांच में जाकर अपने अपडेटेड आईएफएससी कोड को जान लें और इसके विषय में पूरी जानकारी को अवश्य प्राप्त करें। इसके साथ-साथ बैंक द्वारा यह भी कहा गया है कि सिंडिकेट बैंक के विलय होने से सभी ब्रांच के आईएफएससी कोड में भी बदलाव किया गया है जिससे सभी ग्राहकों को आईएफएससी कोड को बदलने जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अवश्य होनी चाहिए। यदि ग्राहकों ने नए आईएफएससी कोड को अपडेट नहीं किया तो एक जुलाई 2021 से उन्हें आरटीजीएस, आइएमपीएस तथा एनईएफटी जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का फायदा नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा इससे उन्हें अपने अकाउंट मैनेजमेंट में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।


पीएफ के नियमों में भी होंगे बदलाव


नौकरी करने वाले कई लोगों के लिए पीएफ एक महत्वपूर्ण जमा पूंजी होती है। इन नियमों में बदलाव से आम आदमियों को कुछ परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। दरअसल यह बताया जा रहा है कि ईपीएफओ ने प्रोविडेंट फंड खाताधारकों के लिए अपने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इनमें अब हर नौकरी पेशा व्यक्ति जो भी पीएफ खाता धारक है उसे अपने आधार कार्ड को खाते से जोड़ना आवश्यक है। कर्मचारी द्वारा जिस ब्रांच में खाता खोला गया है, वे उस ब्रांच में जाकर आधार कार्ड को खाते से लिंक करवा सकते हैं।


छोटी सेविंग योजनाओं की ब्याज दरों में भी बदलाव


यह तो आप सभी जानते ही होंगे कि सरकार द्वारा चलाई जा रही कई सारी योजनाओं की ब्याज दरों में मार्च महीने में ही बदलाव किए गए थे, परंतु इन स्कीम्स में हुए बदलावों को सरकार द्वारा उसी वक्त वापस ले लिया गया था और इस फैसले को एक गलती का रूप दिया गया था। दरअसल उस वक्त सरकार के इस फैसले को चुनाव के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति बताया गया था, परंतु अब यह कहा जा रहा है कि 1 जून से इन सभी स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव किया जा सकता है। इन स्कीम्स में अब तक की सभी ब्याज दरें 30 जून तक ही लागू हैं। इसलिए इन दरों को बढ़ाने की पूरी संभावना दिख रही है। इन योजनाओं में एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना तथा पीपीएफ जैसी सरकारी योजनाएं शामिल हैं।


हॉल मार्किंग नियमों में भी बदलाव


हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा आभूषणों तथा कलाकृतियों पर होने वाली हॉल मार्किंग लागू करने की समय सीमा में भी बदलाव किया गया है। दरअसल यह समय सीमा पहले 1 जून 2021 थी। परंतु व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स तथा ज्वेलरी उद्योग से जुड़े सभी ट्रेडर्स द्वारा आभूषणों पर होने वाली इस हॉल मार्किंग को लागू करने की तिथि 1 जून 2021 से आगे बढ़ाने की मांग की गई। यह मांग कई दिनों से की जा रही थी। अब कोरोनावायरस जैसी भयंकर महामारी के इतने बुरे हालातों को देखते हुए सरकार द्वारा व्यापारियों तथा ज्वैलरी उद्योग के ट्रेडर्स की यह बात स्वीकार कर ली गई है। अब हॉल मार्किंग लागू होने की नई समय सीमा 15 जून कर दी गई है। कंज्यूमर अफेयर मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब हॉल मार्क लागू होने की समय सीमा बढ़ाकर 15 जून कर दी गयी है।


आइटीआर की वेबसाइट में भी हुए बदलाव


कई सारे बड़े-बड़े बदलाव के साथ अब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की वेबसाइट में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अगले माह में यह बदलाव होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि 1 जून से 6 जून तक आइटीआर की मौजूदा वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर कार्य किया जाना संभव नहीं होगा। इस वजह से 7 जून से सरकार द्वारा एक नई वेबसाइट लॉन्च की जाएगी। यह वेबसाइट इस पहली वेबसाइट की तुलना में काफी एडवांस तथा ग्राहकों के साथ फ्रेंडली तरीके से चलने वाली होगी, जिससे ग्राहकों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह नई वेबसाइट www.incometax.gov.in इन होगी और 7 जून के बाद इस वेबसाइट को ही आइटीआर की वेबसाइट माना जाएगा।


फ्लाइट के सफर को भी किया गया महंगा


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नए माह से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब ढीली होने वाली है। दरअसल अगले महीने से फ्लाइट के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। केंद्र सरकार द्वारा फ्लाइट के किराए की निचली सीमा को बढ़ाने की मंजूरी प्रदान की गई है और इसे देखते हुए फ्लाइट के किराए की न्यूनतम सीमा 13 से 16% तक बढ़ाई जाएंगी। यह नई सीमाएं 1 जून 2021 से लागू की जाएंगी। हालांकि मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन द्वारा यह बताया गया है कि फ्लाइट के किराए की ऊपरी सीमा को किसी भी हाल में नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ध्यान देने योग्य बात है कि सभी इंटरनेशनल फ्लाइट 30 जून तक सस्पेंड की जा चुकी हैं और यह कार्यवाही कोरोनावायरस की दूसरी लहर को देखते हुए की गई है।


बैंक ऑफ बड़ौदा के इन नियमों में किया गया बदलाव


1 जून से बैंक ऑफ बड़ौदा के कुछ नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं। दरअसल जून महीने की 1 तारीख से ही बैंक द्वारा पॉजिटिव पे कंफर्मेशन लागू किया जाएगा। बैंक अधिकारियों के मुताबिक अगले महीने से चेक जारी करने वाले ग्राहकों को लाभ लेने वाले लोगों की पूरी जानकारी पहले से ही देनी अनिवार्य होगी। इससे एक और तो समय की बचत होगी और दूसरी ओर चेक फ्रॉड जैसी बड़ी समस्या से बचाव संभव होगा। हालांकि बैंक द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि पॉजिटिव पे कंफर्मेशन केवल 50 हज़ार से ऊपर का भुगतान पर ही लागू होगा। इसके अलावा सभी भुगतान पहले के जैसे नियमों पर ही किए जाएंगे।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार इन्वेस्टमेंट करने से पहले आप अपने एडवाइजर से अवश्य परामर्श लें या उस से सम्बंधित दश्तावेज़ों का अध्यन अवश्य करें। हम आपके किसी भी फायदा या नुक्सान के लिए जिम्मेदार नहीं माने जायेंगे।

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